fbpx

लंबे समय तक लॉकडाउन अब तनाव देता है इसलिए इसे दूर रखें

fastcomet Web Hosting


कोरोना वायरस के कारण कई देशों में लॉकडाउन चल रहा है। भारत में भी कई लोग अपने परिवारों, अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से दूर हैं और अकेलापन महसूस कर रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक कई लोग घर से काम कर रहे हैं, बिजनेस भी बंद हैं, ऐसे में घरों में कैद लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा लगातार कोरोना को लेकर नकारात्मक खबरें देखने से भी मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। लोगों में तनाव बढ़ने के तीन कारण हो सकते हैं- पहला कोरोना संक्रमित होने का डर, दूसरा नौकरी और व्यवसाय में होने वाले घाटे का डर और तीसरा लॉकडाउन में घर में अकेलेपन की स्थिति। इन सभी कारणों से लोग मानसिक रूप से अधिक तनावग्रस्त हो सकते हैं और इसका हमारे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

तनाव बिगाड़ सकता है शारीरिक स्वास्थ्य
लॉकडाउन की स्थिति में अकेलापन होने से तनाव बढ़ सकता है। अत्यधिक नकारात्मक सोचना और अकेलेपन के कारण शरीर के हार्मोन्स में असंतुलन पैदा हो जाता है, जिससे नींद नहीं आना, रक्तचाप बढ़ना, घबराहट आदि समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
चूंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और हमेशा सभी के बीच में रहना उसे ज्यादा सकारात्मक लगता है। ऐसे में अचानक किसी को अलग कर दिया जाए तो उसके स्वास्थ्य पर भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यही वजह है कि अपराधियों को आमतौर पर कैद में रखकर अकेलेपन की सजा दी जाती है। अकेलापन इस कदर खतरनाक है कि कई देशों में इसे बीमारी का भी दर्जा मिला हुआ है।

अमेरिकी लेखक एनेली रूफस ने तो बकायदा एक किताब लिख डाली है और अकेलेपन के कुछ सकारात्मक पहलूओं को खूबसूरती से उकेरा है। उनके मुताबिक अकेलापन लोगों को ज्यादा क्रिएटिव बना सकता है, यदि सकारात्मक सोचेंगे तो स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा और कुछ क्रिएटिव करने में मन लगेगा।

अकेलेपन में धूम्रपान बिल्कुल न करें
अकेलेपन के कारण जो तनाव आता है उससे शारीरिक नुकसान के साथ भावनात्मक क्षति भी ज्यादा होती है। इस कारण बात-बात पर चिड़चिड़ापन होना, गुस्सा आना, हर थोड़े समय में उदासी छाना आदि व्यवहार दिखाई देने लगता है। व्यवहार में ऐसे परिवर्तनों के कारण कुछ लोग नशीले पदार्थों का सेवन भी करने लग जाते हैं, जिसका शरीर के इम्यून सिस्टम पर सीधा प्रभाव पड़ता है, जबकि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना है। www.myupchar.com से जुड़े ऐम्स के डॉ. अजय मोहन के अनुसार, एक्सरसाइज करने से भी तनाव में राहत मिलती है।

लॉकडाउन में ऐसे दूर करें तनाव
www.myupchar.com से जुड़े डॉ. उमर अफरोज के अनुसार, रोज नियमित जीवनशैली रखें। सुबह जल्दी उठकर व्यायाम और प्राणायाम करें, जिससे शरीर में ताजगी महसूस होगी। अच्छा खानपान रखें और निगेटिव सोचने से बचें।
ज्यादा से ज्यादा संगीत सुनें, इससे भी मानसिक शांति की अनुभूति होती है।
जब भी अकेलापन महसूस हो तब फोन पर अपने परिवार से बातचीत करें, इससे मन में अच्छा महसूस होगा।
इस समय बच्चे बाहर नहीं खेल पाने के कारण बोरियत महसूस करते है, तो उनके साथ घर पर ही कई प्रकार के खेल खेलें, ताकि उन्हें भी अच्छा लगे।
कोरोना संक्रमण पर भी सकारात्मक खबरें ज्यादा देखें, इससे मन में बुरे विचार नही आएंगे। टेलिविज़न पर हंसी-मजाक के सीरियल्स देखें, इससे भी मानसिक ऊर्जा महसूस होगी।
इस समय आप कुछ न कुछ ऐसा क्रिएटिव करें, जिससे आपका अच्छा टाइमपास होगा। साथ ही आनंद की अनुभूति होती है और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
अपने अच्छे वक्त के फोटोग्राफ, शादी या पारिवारिक कार्यक्रम के वीडियो व फोटो देखें। अपने बच्चों के बचपन के वीडियो या फोटो एलबम देखें, जिन्हें देखकर आप खुशी महसूस कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए देखें : https://www.myupchar.com/disease/covid-19/after-lockdown-these-things-will-help-you-to-live-better
स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखे गए हैं, जो सेहत संबंधी भरोसेमंद जानकारी प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है।

.

Leave a Reply