Covid-19:कोरोना वायरस मारने के लिए क्या है बेहतर- साबुन या सैनिटाइजर, जानें

स्वास्थ्य टिप्स


चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस दुनियाभर के लिए अब सिरदर्द बन चुका है। इस वायरस से विश्वभर में लगभग 20 हजार लोगों ने अपनी जान गवां दी है। जिसके बाद डॉक्टर्स लोगों को लगातार साबुन या सैनिटाइजर से अपने हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैल जाते हैं। इन्हीं छोटे-छोटे कणों की वजह से कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। व्यक्ति के छींकने पर एक वक्त पर थूक के 3,000 से अधिक कण यानी ड्रॉपलेट्स शरीर से बाहर आते हैं। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के नजदीक जाने पर ये कण सांस के रास्ते दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

कभी कभी ये कण कपड़ों, दरवाजे के हैंडल और आपके सामान पर गिर सकते हैं। ऐसे में जब किसी व्यक्ति का हाथ उसी जगह पर पड़ जाता है और वह उसी संक्रमित हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह छूता है तो उसे कोरोना वायरस संक्रमण हो सकता है। ऐसे में कोरोना के वायरस से लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए विशेषज्ञ बार-बार लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन हाल ही में एक सवाल लोगों के मन को परेशान कर रहा है कि आखिर कोरोना के इस वायरस से निजात पाने के लिए साबुन या सैनिटाइजर में से क्या ज्यादा बेहतर विकल्प है। तो आइए आपकी परेशानी दूर करते हुए आपको बताते हैं इसका सही जवाब।

साबुन क्या करता है-
वायरस तीन चीजों से मिलकर बनता है ।वायरस के तीन घटक होते हैं। न्यूक्लिक एसिड जीनोम,  प्रोटीन और लिपिड की एक बाहरी मोटी परत। साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है। साबुन में छिपे ये तत्व वायरस की बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं। करीब 20 सेकंड तक हाथ धोने से वो चिपचिपा पदार्थ नष्ट हो जाता है जो वायरस को एकसाथ जोड़कर रखने का काम करता है।

कोरोनोवायरस से लड़ने के लिए एक अच्छे सैनिटाइजर को 60% अल्कोहल ग्रेड की आवश्यकता होती है। यदि किसी व्यक्ति ने छींकते या खांसते समय अपने हाथों का इस्तेमाल किया है। जिसके बाद वो थोड़ी मात्रा में हैंड सैनिटाइटर का इस्तेमाल करता है तो कीटाणु मिटाने के लिए यह पर्याप्त नहीं हो सकता है। ऐसे में  100 प्रतिशत अल्कोहल वाले सैनिटाइजर त्वचा पर बैक्टीरिया या वायरस को मारने से पहले ही जल्दी हवा में उड़ जाते हैं।

सैनिटाइजर या साबुन कौन ज्यादा प्रभावशाली-
जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक जेल, लिक्विड या क्रीम के रूप में मौजूद सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना बेहतर नहीं है। सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाला साबुन इसके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है।

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